भारतीय
उच्च शिक्षा में सुधार
भारत का उच्च शिक्षा तंत्र विश्व का तीसरा सबसे बड़ा उच्च शिक्षा
तंत्र है | सभी को उच्च शिक्षा के समान अवसर प्रदान करने की नीति के अंतर्गत
संपूर्ण देश में महाविद्यालयों और
विश्वविद्यालयो की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है | विगत 70 वर्षो में आजादी
के बाद देश के विश्वविद्यालयों की संख्या में 40 गुना , महाविद्यालयों में 80 गुना
और शिक्षको की संख्या में 30 गुना वृद्धि हुई है | अब तक 56 केंद्रीय विश्वविद्यालय को सफलता पूर्वक खोला
जा चूका है और कार्यरत है | उल्लेखनीय है की अभी तक दुनिया के शीर्ष 100 उच्च शिक्षा संस्थानों में
भारत के किसी शिक्षण संस्थान ने अपनी जगह
नही बनायीं है |
भारतीय उच्च शिक्षा की वर्तमान स्थिति –
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने उच्च शिक्षा के स्तर को बढाने के लिए कई सराहनीय कदम
उठाये है | केंद्रीय विश्वविद्यालय में विविधता का वातावरण मिलता है क्योंकि यहाँ
सभी राज्यों से विद्यार्थी शिक्षा लेने आते है | NIRF रैंकिंग में जे. एन .यु जैसे उच्च शिक्षा संस्थानों ने अपना उच्च स्थान
बनाये रखा है | अब तक उच्च शिक्षा में 1043 विश्वविद्यालय और 42343 कॉलेज कार्यरत है |
भारत में उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालयों की संख्या
केंद्र सरकार ने भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों को सशक्त बनाने और उन्हें गुणवत्ता वाली शिक्षा तक बेहतर पहुच बढाने के लिए विश्व स्तरीय शिक्षण प्रणालियों को लागू करने में मदद के लिए " विशिष्ट संस्थान " का दर्जा देना शुरू किया गया है | " विशिष्ट संस्थान " टैग वाले संस्थान को फीस , पाठ्यक्रम की अवधि और शासन की संरचनाओ को तय करने के लिए अधिक स्वय्यता और स्वतंत्रता रदान की जाएगी | विशिस्ट संस्थान के तहत सार्वजनिक संस्थानों को 1000 करोड़ रुए की सरकारी अनुदान मिलेगा जबकि निजी संस्थानों को योजना के तहत कोई धन नही मिलेगा |
शोध और उच्च शिक्षा - भारत में लगभग 40,000 उच्च शिक्षा संस्थानों में से 1% से भी कम वैज्ञानिक और सामाजिक विज्ञान अनुसंधान दोनों में उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। भारत में अनुसंधान एवं विकास की अपर्याप्तता का एक मुख्य कारण अनुसंधान और विकास के लिये पर्याप्त धन की कमी है। आधारभूत संरचना की कमी और प्रतिभा का पलायन भी मुख्य कारण है | विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने शोध को बढ़ावा देने के लिए कई छात्रवृत्ति की योजना भी संचालित की है –
- नेट – जूनियर रिसर्च फ़ेलोशिप
- मौलाना आजाद राष्टीय छात्रवृत्ति – अल्पसंख्यको के लिए
- सिंगल वोमेन चाइल्ड छात्र छात्रवृत्ति
भारतीय उच्च शिक्षा में विदेशी छात्रों की सहभागिता – भारत में 20 से भी अधिक देशो से छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते है | भारत अपनी संस्कृतिक धरोहर को फ़ैलाने के लिए विदेशी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करता है और उच्च शिक्षा लेने के लिए आमंत्रित करता है |
विदेशी छात्रों की उच्च शिक्षा में सहभागिता
भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की स्थापना 1950 में स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने की थी। इसका उद्देश्य भारत के बाहरी सांस्कृतिक संबंधों से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों के निर्माण और कार्यान्वयन में सक्रिय रूप से भाग लेना है; भारत और अन्य देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों और आपसी समझ को बढ़ावा देना और मजबूत करना; अन्य देशों और लोगों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और राष्ट्रों के साथ संबंध विकसित करना।
उच्च शिक्षा में महिलाओ की भागीदारी – भारत में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की साक्षरता दर काफी कम है। वर्ष 2011 की जनगणना के आँकड़े दर्शाते हैं कि राजस्थान (52.12 प्रतिशत) और बिहार (51.50 प्रतिशत) में महिला शिक्षा की स्थिति काफी खराब है। महिला ससक्तिकरण से आज की स्थति महिलाओ की शिक्षा के प्रति ठीक हो रही है |
उच्च शिक्षा में महिलाओ की भागीदारी
उच्च शिक्षा में विषयवार दृष्टिकोण से छात्रों की सहभागिता – उच्च शिक्षा में छात्रों को कला विषय के प्रति सबसे ज्यादा रूचि है वही भाषा और विज्ञानं विषय दुसरे और तीसरे क्रमांक में आते है | साल दर साल उच्च शिक्षा में छात्रों की सहभागिता बढती जा रही है जिससे नए शिक्षण संसथान भी खुल रहे है और भारत में साक्षरता का दर भी बढ़ता हुआ दिख रहा है |
उच्च शिक्षा में विषयवार दृष्टिकोण से छात्रों की सहभागिता
उच्च शिक्षा में ई - अधिगम प्रणाली और शिक्षा का अंतराष्टीयकरण - उच्च शिक्षा को मुक्त बनाने और व्यापकता की और अग्रसारित होने के लिए ई - अधिगम प्रणाली का विस्तार किया गया है | कोरोना काल में ई - अधिगम प्रणाली के द्वारा शिक्षा का संचालन संभव हो पाया है | NPTEL, SWAYAM, शोधगंगा आदि ई - अधिगम प्रणाली के वेब पोर्टल है जहा से छात्र रिमोट लोकेशन से अध्ययन कर सकते है |
स्रोत - शिक्षा मंत्रालय , भारत सरकार , आल इंडिया सर्वे ओन हायर एजुकेशन
रतन दीप सिंह
महात्मा गाँधी अंतराष्टीय हिंदी विश्वविद्यालय , वर्धा